प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें। वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे। ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। भैरव की अघोर शक्ति https://free-kundli90009.ivasdesign.com/60589921/rumored-buzz-on-galat-samay-par-ki-gayi-sadhna-vipreet-asar-bhi-de-sakti-hai